'द ग्रेट बनियन ट्री' । The Great Banyan Tree

 

The Great Banyan Tree


सड़कों पर आते-जाते अक्सर हम कई पेड़ दिखते हैं। ये पेड़ हमें ऑक्सीजन और छांव देते हैं। इन्हीं पेड़ों में से एक है बरगद का पेड़। इसका वैज्ञानिक नाम फाइकस बेंगालेंसिस (Ficus Benghalensis) है। धार्मिक तौर पर तो यह पूजनीय है ही, लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि अपने औषधीय गुणों के कारण यह कई शारीरिक समस्याओं को दूर करने में भी कारगर साबित होता है। यहीं कारण है कि सालों से इसका इस्तेमाल आयुर्वेदिक दवा में किया जा रहा है। 


आज हम The Great Banyan Tree के बारे में जानेगें।


The Great Banyan Tree नाम हैं इस पेड़ का

भारत के सबसे बड़े बरगद के पेड़ का नाम 'द ग्रेट बनियन ट्री' हैं। जो कि पश्चिम बंगाल के हावड़ा में आचार्य जगदीशचंद्र बोस इंडियन बॉटेनिकल गार्डन में स्थित हैं।


● 1787 में हुई थी 'द ग्रेट बनियन ट्री' की स्थापना

'द ग्रेट बनियन ट्री' के नाम से भी पहचाने जाने वाले इस पेड़ को 1787 में यहां स्थापित किया गया था। उस समय इसकी उम्र करीब 20 साल थी। लेकिन अब इस पेड़ की इतनी जड़ें और शाखाएं हैं कि इससे पूरा जंगल ही बस गया है।

 

● 'द ग्रेट बनियन ट्री' फैला हैं करीब 18,900 वर्ग मीटर में

यह बरगद का पेड़ करीबन 18,900 वर्ग मीटर (4.67 एकड़ ) में फैला है। इस पेड़ की शाखाओं (Branches) से निकलीं जटाएं पानी की तलाश में जमीन में नीचे की ओर बढ़ती गईं। फिर धीरे-धीरे यह पेड़ जंगल में बदलता चला गया। इसकी 3,350 से ज्‍यादा जटाएं अब तक जड़ का रूप ले चुकी हैं। 


● द ग्रेट बनियन ट्री की उम्र हो चुकी हैं 254 साल

इस बरगद के पेड़ की स्थापना सन 1787 में की गई थी। उस समय इस पेड़ की उम्र 20 साल थी। अभी वर्तमान 2021 में इस पेड़ की उम्र 254 साल हैं । अगर द ग्रेट बनियन ट्री की ऊंचाई की बात करे तो वह हैं 24 मीटर।


● भारत सरकार ने किया था डाक टिकट जारी

1987 में भारत सरकार द्वारा इस विशाल बरगद के सम्मान  में डाक टिकट जारी किया था। इसके बाद इस विशाल बरगद का पेड़ बॉटेनिकल सर्वे ऑफ इंडिया (BSI) का प्रतीक चिह्न भी बनाया गया। पश्चिम बंगाल के कोलकाता में स्थित इस प्राचीन बरगद के पेड़ को दुनिया का दूसरा सबसे चौड़ा पेड़ या 'वॉकिंग ट्री' भी कहा जाता है। 


दुनिया के दूसरे सबसे बड़े बरगद के पेड़ की देखभाल में लगे हैं 13 लोगों की टीम। इन 13 लोगों की टीम में botanist (वनस्पति वैज्ञानिक) से लेकर माली शामिल हैं। इस पेड़ की समय-समय पर इसकी जांच की जाती है, ताकि इसे कोई नुकसान न पहुंचे। 



● यह पेड़ करीब 85 से ज्‍यादा पक्षियों की प्रजातियों का निवास हैं।


● Thimmamma Marrimanu, दुनिया का सबसे बड़ा बरगद का पेड़ हैं। 1989 में इस पेड़ दुनिया का सबसे बड़ा पेड़ होने का  Guinness World Records कायम किया था । यह पेड़ अनंतपुर जिला आंध्रप्रदेश में स्थित हैं।यह पेड़ करीब 5 एकड़ (19,107 sq. m.) में फैला हुआ हैं।


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