जटायु अर्थ सेंटर - Jatayu Earth's Center

जटायु अर्थ सेंटर  - Jatayu Earth's Center 

Kerala jatayu murti

दुनिया भर में कई सारे विशालकाय मूर्तियाँ मौजूद हैं। और ये मूर्तियाँ दुनिया भर के टूरिस्ट को अपनी ओर आकर्षित करती हैं। आज हम भारत मे स्थित ऐसे ही विशालकाय धार्मिक मूर्तियों के बारे में आपको जानकारी देने जा रहे हैं। आज हम बात करेंगे दुनिया की सबसे बड़ी पक्षी की मू्र्ति के बारे में ।



जब रावण ने सीता माता का हरण करके  लंका की ओर जा रहा था । तभी रास्ते मे उसे जटायु नाम के गिद्ध ने रावण को रोकने की कोशिश की और रावण से युद्ध किया और इस युद्ध जटायु का  एक पँख टूट गया और वो नीचे गिर गया।  उन्होंने श्रीराम को रावण किस दिशा में गया है इसकी जानकारी दी। 
नीचे गिरने के बाद जटायु तब तक जीवित रहे जब तक प्रभु श्रीराम वहाँ नहीं पहुँच गए।

Image Source: Wikipedia


भारत के विख्यात चित्रकार राजा रवि वर्मा के द्वारा इस प्रसंग का चित्रण सन 1895 में किया गया था जोकि रामायण के पात्र जटायु और रावण के बीच हुए युद्ध को दर्शाता है। इस चित्र में रावण द्वारा जटायु का पंख काटने पर सीता को भयभीत होता दिखाया गया है। हिंदू महाकाव्य रामायण में, जटायु एक दिव्य पक्षी और अरुणा का छोटा पुत्र है जिसका स्वरूप एक गिद्ध जैसा है। वह भगवान राम के पिता दशरथ का पुराना मित्र था। 


जटायू जहाँ पर गिरे थें वह केरल के कोल्लम जिले में हैं । लोगों मान्यता यह है कि कोल्लम जिले के चदायमंगलम (Chadayamangalam) गाँव के पास एक चट्टानी शिखर 
जटायु गिर गए थे। जिसके बाद इस स्थान को  'जटायुमंगलम' से जाने जाना लगा ।
कुछ  समय बाद यह जटायुमंगलम से चदायमंगलम बन गया और शिखर जटायुपरा (जटायु चट्टान) बन गयी। जहाँ पर जटायु ने अंतिम सांस ली थी उस पहाड़ी को जटायु पारा कहा जाता है। यहां श्रीराम के चरणो की छाप अभी तक मौजूद है ।

Jatayu sculpture
Image Source : Social Media


 जटायु पृथ्वी का केंद्र (Jatayu Earth’s Centre)
जिसके बाद यहाँ पर जटायु की मूर्ति  1000 फीट (feet) की ऊंचाई पर बनाई गई है । यह मूर्ति 200 फीट लंबी, 150 फीट चौड़ी और 70 फीट ऊंची है 

◆यह मूर्ति गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड (Guinness Book of World Records) में दर्ज की गई है। 
◆ यह दुनिया की सबसे बड़ी पक्षी की मू्र्ति हैं ( World's largest Bird Statue )

◆ एक फिल्म निर्देशक श्री राजीव अंचल को इसके निर्माण का श्रेय जाता है। यह आइडिया उन्हीं का था, जिसे केरल की सरकार ने 2008 में स्वीकृत करके इस की परिकल्पना को साकार करने का काम किया।

◆ यह पूरा पार्क 65 एकड़ में फैला है। इस विशालकाय संरचना को बनाने के लिए पूरे 10 साल लग गए। ये स्कल्पचर 3000 स्क्वायर में फैला हुआ है। 

◆ सबसे खास बात यह हैं रामायण कथा को ध्यान में रखते हुए इस स्टेच्यू का एक पँख काटा हुआ दिखाया गया है। 

◆ इसकी सिक्योरिटी स्टाफ में सिर्फ महिलाओं को रखा गया है। जटायु ऐसा पहला पौराणिक पक्षी है जिसने एक महिला का सम्मान बचाने के लिए अपना जीवन लगा दिया। इससे संकेत लेते हुए मूर्तिकला को महिला सशक्तिकरण के प्रतीक के रूप में समर्पित किया है।

◆ चटयमंगलम का जटायु एडवेंचर सेंटर (जटायु अर्थ्स सेंटर) तिरुवनंतपुरम से 50 किमी दूर हैं । 
 
◆ इसमें डिजिटल म्यूजियम और 6D थिएटर की व्यवस्था भी है जिसमें रावण और जटायु के युद्ध के बारे में विस्तृत वर्णन है।

◆ जटायु एडवेंचर सेंटर प्राकृतिक इलाके के अंदर केरल का सबसे बड़ा एडवेंचर पार्क है। पेंटबॉल, वैली क्रॉसिंग, बोल्डरिंग, ज़िप लाइन, ट्रेकिंग, धनुर्विद्या, रैपलिंग, ज्युमैरिंग और वाल क्लाइंबिंग यहां उपलब्ध अनेक प्रकार की गतिविधियों में शामिल हैं।

◆ यहां पहुँचने पर आपको एक टिकट खरीदना पड़ता है, जिसके बदले आपको एक कलाईबैंड (wristband) दिया जाता है जिसके जरिए आप मुख्य केंद्र तक पहुंच सकते हैं। सुरक्षा जांच के बाद, आपको केबल कारों (cable cars) की मदद से मूर्तिकला तक ले जाया जाता है।


◆ केबल कार की सवारी और मूर्तिकला की यात्रा की लागत कर सहित प्रति व्यक्ति 450 रुपये है, जबकि साहसिक केंद्रों को 10 और उससे अधिक लोगों के समूहों के लिए खोला गया है, जिसकी लागत प्रति व्यक्ति 3500 रुपये है।



जटायु अर्थ सेंटर पर पहुँचने के लिए
नजदीकी रेलवे स्टेशन: कोल्लम, लगभग 38 कि.मी. 
नजदीकी एयरपोर्ट: तिरुवनंतपुरम इंटरनेशनल एयरपोर्ट,



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