कोरोना संक्रमित बुजुर्ग ने युवक के लिए छोड़ा बेड, कहा- मैंने जिंदगी जी ली, इनके बच्चे अनाथ हो जाएंगे



जहां पर एक और कोरोना नाम की हमारी के चलते लोग एक दूसरे के सामने आने से बच रहे हैं, और किसी की मदद करने के लिए भी ध्यान नही दे रहे हैं। वहीं पर एक वृद्ध दादाजी ने इंसानियत की मिसाल पेश करते हुए अपने बेड के बाजू में आए हुए एक मरीज को दे दिया और देते हुए उन्होंने कहा कि मैंने तो अपनी जिंदगी लगभग जी ली है पर इस नौजवान को कुछ नहीं हो इसलिए मैं यह बेड और ऑक्सीजन आपको दे रहा हूं।

अस्तपाल से छुट्टी लेने के बाद नारायण राव घर चले गए और तीन दिन में ही दुनिया को अलविदा कह गए। 


आपको पूरी खबर विस्तार से बताते हैं। नागपुर निवासी नारायण भाऊराव दाभाडकर कोरोना संक्रमित हो गए थे। उनका ऑक्सीजन लेवल घटकर 60 तक पहुंच गया था। इसके बाद उनके दामाद और बेटी काफी मशक्कत के बाद उन्हें इंदिरा गांधी शासकीय अस्पताल में भर्ती कराया गया था। काफी परेशानी उठाने के बाद नारायण राव को बेड भी मिल गया था। और वह वहाँ पर भर्ती हो गए। जिस अस्पताल में भर्ती थे उसी अस्पताल में एक महिला अपने पति को लेकर इलाज कराने के लिए आई वह काफी परेशान थी। औऱ महिला अपने पति के लिए एक बेड की तलाश में कर रही थी। महिला की परेशानी को देखकर नारायण जी ने डॉक्टर से कहा, 'मेरी उम्र 85 साल पार हो गई है। काफी कुछ देख चुका हूं, अपना जीवन भी जी चुका हूं। बेड की आवश्यकता मुझसे अधिक इस महिला के पति को है। उसके बच्चों को अपने पिता की आवश्यकता है। वरना वे अनाथ हो जाएंगे। इसके बाद नारायण ने अपना बेड उस महिला के पति को दे दिया। उनके आग्रह को देख अस्पताल प्रशासन ने उनसे एक कागज पर लिखवाया, ‘मैं अपना बेड दूसरे मरीज के लिए स्वेच्छा से खाली कर रहा हूं।’ दाभाडकर ने स्वीकृति पत्र भरा और घर लौट गए। कोरोना पीड़ित नारायण की घर पर ही देखभाल की जाने लगी, लेकिन तीन दिन बाद उनकी मौत हो गई। जानकारी के मुताबिक, नारायण राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े थे।


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मानवता के लिए जीवन समर्पित करने वाले नारायण राव की तारीफ करते हुए मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट करते हुए लिखा कि दूसरे व्यक्ति की प्राण रक्षा करते हुए श्री नारायण जी तीन दिनों में इस संसार से विदा हो गये। समाज और राष्ट्र के सच्चे सेवक ही ऐसा त्याग कर सकते हैं। आपके पवित्र सेवा भाव को प्रणाम!

आप समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं। दिव्यात्मा को विनम्र श्रद्धांजलि। ॐ शांति!


सोशल मीडिया पर लोग कर रहे नमन उनके अलावा भी हजारों लोगों ने ट्विटर पर दाभाडकर को श्रद्धांजलि दी है। सोशल मीडिया पर हजारों लोगों ने नारायण राव को श्रद्धांजलि दी है। भाजपा नेता कैलाश विजयवर्गीय ने भी अपनी फेसबुक पोस्ट में नारायण के इस अद्भुत त्याग का जिक्र करते हुए लिखा, ''जो लोग राष्ट्रीय सेवक संघ की सद्कार्य भावना और संस्कारों को जानते हैं, उन्हें पता है कि ये ऐसा सेवाभावी संगठन है जो अपने प्राण देकर भी सेवा करने से नहीं चूकते।'


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