भारत के इस शहर में चलती हैं घड़ी की उल्टी सुईयां

Gond


जी हाँ , मानो या न मानो लेकिन ये बात सच हैं भारत गुजरात राज्य गोधरा शहर के आदिवासी उल्टी घड़ी का इस्तेमाल करते हैं । आमतौर पर हमारी घड़ी बायीं से दायीं ( Left to right )  ओर चलती हैं लेकिन इन लोगो की घड़ी दायीं से बायीं ( right to left ) ओर चलती हैं ।


Image Source : Youngisthan

भारत में अन्य किस जगह पर उल्टी घड़ी का इस्तेमाल होता हैं ?

गुजरात के गोधरा शहर के 

छत्तीसगढ़ के कोरबा,कोरिया,सरगुजा,बिलासपुर औऱ जशपुर , 

झारखंड के चाईबासा जिले के कोल्हान में 

मध्यप्रदेश ,महराष्ट्र , एवं देश के अन्य हिस्सों में जहाँ पर आदिवासी समुदाय ( गोंड ) रहते हैं ।


अब जानते हैं क्या वजह हैं जिसके ये लोग उपयोग करते हैं उल्टी घड़ी 

जब इनसे उल्टी घड़ी उपयोग करने का कारण पूछो , तो इन लोगो का कहना है कि उनकी घड़ी ही स्‍वाभाविक है जो प्रकृति के नियम अनुसार चलती है।

गोंड़ समुदाय के आदिवासी परिवारों का कहना है कि  

◆  पृथ्वी भी दायीं से बायीं ( Anticlockwise ) ओर घूमती हैं सूर्य, चंद्रमा और तारे भी उसी दिशा में घूमते हुए अंतरिक्ष की सैर कर रहे हैं ।

◆ धरती पर जितनी भी लताएं हैं सेमी, लौकी, करेला, कद्दू के नार किसी पेड़-पौधे अथवा झाड़ी पर दाएं से बाएं लिपटकर चढ़ती है।

◆ आदिवासी समाज शादी के समय फेरे लेते समय भी अग्नि के समक्ष दूल्हा- दुल्हन के सात फेरे भी दाहिने से बायीं ओर घूमकर पूरे किए जाते हैं ।

◆ इसके अलावा समुद्र में और रेगिस्तान में उठने वाले तूफ़ान भी एंटी क्लॉक वाइज  घूमते हैं ।

◆ जल स्त्रोतों में पड़ने वाली भंवर हो  उन सभी की दिशा Anticlockwise होती हैं । 

◆ खेतों की जोताई करने किसान हल भी दाएं से बाएं ही चलाते हैं। 

◆ तेल निकालने में उपयोग होने वाली घानी (कोल्हू) में भी बैल दाएं से बाएं ही घूमता है।

 

इसलिए ये समुदाय मानता है कि दुनिया में प्रचलित घड़ियां प्रकृति के विरुद्ध उलटी दिशा में घूम रहीं, जबकि वे सही दिशा का पालन कर रहे हैं। प्रकृति की पूजा करने वाले इस आदिवासी इलाके के लोगों का कहना है कि प्रकृति का चक्र जिस दिशा में चल रहा है, वे उसके विपरीत आचरण नहीं कर सकते हैं।


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