STate bank of india



भारत का सबसे बड़ा सार्वजनिक क्षेत्र का बैंक भारतीय स्टेट बैंक 【 SBI ( State Bank Of India )  】 हैं । यह देश का सबसे बड़ा सरकारी बैंक है । भारतीय स्टेट बैंक में 42 करोड़ से भी ज्यादा कस्टमर्स हैं , 24,000 से भी ज्यादा ब्रांच और करीब 60,000 atm ।  यह बैंक जितना पुराना है उतना पुराना ही इसका इतिहास है । इस बैंक का इतिहास है 214 साल से भी पुराना । 

State bank of India



भारतीय स्टेट बैंक के  कहानी शुरू होती है 2 जून 1806 से , कोलकाता में एक बैंक की स्थापना की गई  और बैंक का नाम रखा गया " बैंक ऑफ कोलकाता " । (बैंक ऑफ़ कैलकटा ) 
इसके 3 साल बाद  2 ,जनवरी 1809 को  इस बैंक का पुनर्गठन हुआ " बैंक ऑफ़ बंगाल " के रूप में । अब यह बैंक  " बैंक ऑफ बंगाल " के नाम से जाने लगा। 

 यह अपने तरह का अनोखा बैंक था जो साझा स्टॉक पर ब्रिटिश भारत तथा बंगाल सरकार द्वारा चलाया जाता था।

अब इसके बाद 15 अप्रैल 1840 को बैंक ऑफ बॉम्बे की स्थापना हुई । और इसके बाद 1 जुलाई 1843 को बैंक ऑफ मद्रास की स्थापना हुई ।

ये तीनों बैंक आधुनिक भारत के प्रमुख बैंक थे । ये तीनो बैंक ब्रिटिश भारत के प्रेसिडेंसी बैंक थे - Three Presidency Bank of British India

1. बैंक ऑफ़ बंगाल
2. बैंक ऑफ़ मद्रास
3. बैंक ऑफ बॉम्बे

27 जनवरी  1921 को बैंक ऑफ़ बंगाल  , बैंक ऑफ बॉम्बे और बैंक ऑफ मद्रास  का समामेलन   इंपीरियल बैंक ऑफ इंडिया के रूप में हो जाता हैं । 

स्टेट बैंक से पहले इस बैंक का नाम इम्पीरिअल बैंक ऑफ़ इंडिया था । भारतीय संसद ने भारतीय अधिनियम 1955 के अनर्तगत इम्पीरिअल बैंक का नाम बदल कर भारतीय स्टेट बैंक किया गया जो 9 जुलाई, 1955 से प्रभावी हुआ । इसका स्वामित्व भारतीय रिज़र्व बैंक के पास था, जिसे अब सरकार को स्थान्तरित किया जा चुका है।

1955 में सब्सिडियरी एक्ट आया, जिसके बाद अक्टूबर में स्टेट बैंक ऑफ हैदराबाद बना। इसके बाद स्टेट बैंक ऑफ बीकानेर, स्टेट बैंक ऑफ इंदौर, स्टेट बैंक ऑफ जयपुर, स्टेट बैंक ऑफ सौराष्ट्र, स्टेट बैंक ऑफ मैसूर, स्टेट बैंक ऑफ पटियाला, स्टेट बैंक ऑफ त्रावणकोर और भारतीय महिला बैंक (बीएमबी) जैसे सहयोगी बैंक बने। 

  भारतीय स्टेट बैंक के सात सहयोगी बैंक भी थे जिन्हें क्रमश: स्टेट बैंक ऑफ़ इंदौर , स्टेट बैंक ऑफ़ बीकानेर एंड जयपुर, स्टेट बैंक ऑफ़ ट्रावनकोर, स्टेट बैंक ऑफ़ सौराष्ट्र , स्टेट बैंक ऑफ़ हैदराबाद, स्टेट बैंक ऑफ मैसूर और स्टेट बैंक ऑफ़ पटियाला था । 1 अप्रैल 2017 तक इन  सभी बैंकों का विलय  भारतीय स्टेट बैंक में हो चुका है ।